आज के इस लेख में हम डायबिटीज क्या है? (What is Diabetes in Hindi) डायबिटीज के लक्षण क्या है? यह कितने Types का होता है और साथ ही डायबिटीज से बचने के उपाय क्या है, के बारे में विस्तार पूर्वक जानने वाले है!

हेल्लो दोस्तों, डायबिटीज को मधुमेह तथा शुगर के नाम से भी जाना जाता है! यह एक लम्बे समय तक चलने वाली गंभीर बीमारी है!

इस बीमारी के चलते रोगी के शरीर में लंबे समय तक रक्त में शुगर (शर्करा) का मात्रा बहुत अधिक बड़ जाती है! 

WHO के अनुसार दुनिया में लगभग 400 मिलियन से भी अधिक लोग और भारत में लगभग 5 फीसदी आबादी डायबिटीज बीमारी से पीड़ित है! एक बार डायबिटीज होने पर इसे तुरंत ख़त्म नहीं किया जा सकता है!

इसलिए डायबिटीज बीमारी का एकमात्र बचाव डायबिटीज के बारे में जानकारी और परहेज होता है! साथ ही सही और शुरुआती दिनों में डायबिटीज के लक्षण पहचान करके डायबिटीज का तुरंत इलाज भी आपको बड़ी स्वास्थ्य परेशानी से बचा सकता है!

तो यदि आप डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचना चाहते है! तो आपको डायबिटीज के बारे में जानकारी जैसे की डायबिटीज क्या है? (What is Diabetes in Hindi) इसके लक्षण क्या है,और बचने के उपाय क्या है? के बारे में जानना बहुत आवश्यक है!

आप भी डायबिटीज से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आएं हैं! हमारे इस आर्टिकल में हमने Diabetes से जुड़ी सारी details बिल्कुल सही और सटीक तरीके से दी है, तो चलिए अब start करते हैं!

diabetes ke lakshan

डायबिटीज क्या है – What is Diabetes in Hindi

Diabetes Kya Hai – डायबिटीज एक ऐसी बीमारी होती है, जिसमें मनुष्य के रक्त में शुगर (Glucose) की मात्रा बढ़ जाती है! क्योंकि मनुष्य का शरीर शुगर को कंट्रोल करने वाले हार्मोन इंसुलिन को या तो ठीक से बना नहीं पाता या बनाने के बाद इस्तेमाल नहीं कर पाता है!

डायबिटीज किसी भी उम्र और किसी भी जेंडर के व्यक्ति को हो सकता है! फिर चाहे व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ जीवन शैली का पालन क्यूं ना कर रहा हो!

यह एक तरह की बीमारी है जिसे जड़ से ख़त्म नहीं किया जा सकता है! केवल दवाओं और अपने खान-पान को सही करने से आप डाइबिटीज को कंट्रोल कर सकते है!

डायबिटीज़ के प्रकार कितने हैं – Types of Diabetes in Hindi

मुख्यतः 3 Types के Diabetes होते हैं –

  1. टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes)
  2. टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes)
  3. जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational Diabetes)

1). टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes in Hindi)

Type 1 Diabetes में मनुष्य का इम्यून सिस्टम खुद ही, इंसुलिन पैदा करने वाली बीटा कोशिकाओं पर अटैक कर देता है, और उसे नष्ट कर देता है! जिसके कारण मनुष्य के शरीर में इंसुलिन पैदा होना ही बंद हो जाता है!

अब मनुष्य का इम्यून सिस्टम, खुद ही बीटा कोशिकाओं को क्यूं नष्ट करने लगता है, इसके बारे में सटीक जानकारी अभी किसी को नहीं है!

2). टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes in Hindi)

Type 2 Diabetes में मनुष्य के शरीर में इंसुलिन तो अच्छे से बनता है! लेकिन शरीर उसका इस्तेमाल नहीं कर पाता जिसके कारण ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ती जाती है और डायबिटीज हो जाता है!

यह सबसे कॉमन टाइप का डायबिटीज होता है और ज्यादातर लोगों में यही पाया जाता है!

टाइप 2 डायबिटीज होने के मुख्य कारण आनुवांशिकता, ज्यादा वजन या कम एक्सरसाइज करना हो सकते हैं!

Diabetes ke gharelu upay

3). जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational Diabetes in Hindi)

Gestational diabetes केवल प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में होता है! क्योंकि प्रेगनेंट औरतों के शरीर में कई बार ऐसे हार्मोन निकलते हैं, जो इंसुलिन को ब्लॉक कर देते है!

महिलाओं और पुरुषों में डायबिटीज के लक्षण इन हिंदी

ये Diabetes के ऐसे common symptoms हैं जो महिलाओं और पुरुषों, दोनों में ही दिखाई देते हैं-

  • थकान
  • बार-बार पेशाब आना
  • भूख और प्यास का बढ़ जाना
  • चोट लगने पर धीरे-धीरे ठीक होना
  • धुंधला दिखाई देना
  • हाथ और पैरों से चीजों को एहसास ना कर पाना
  • सांसों से हल्की मीठी खुशबू आना
  • त्वचा के जो हिस्से काले हों, उनका और ज्यादा काला हो जाना
  • स्किन इन्फेक्शन

महिलाओं में शुगर के लक्षण

महिलाओं और पुरुषों में शुगर के कई लक्षण एक जैसे होते हैं! लेकिन बहुत से ऐसे लक्षण भी होते हैं, जो unique होते है! नीचे हमने महिलाओं में शुगर के unique लक्षणों की बात की है –

यूरिनरी इनफ़ेक्शन

डायबिटीज होने पर ज्यादातर महिलाओं के urinary tract में infection हो जाता है! यूरिनरी इनफ़ेक्शन इन्फेक्शन के कारण महिलाओं को यह समस्या आती है –

  • मूत्र करते वक्त दर्द होना
  • Urine के वक्त जलन महसूस होना
  • मूत्र के साथ खून आया या सफेद मोटा पानी आना

अगर समय रहने इन symptoms को पहचान कर डायबिटीज का इलाज नहीं करवाया जाए तो महिलाओं के किडनी में भी इन्फेक्शन हो सकता है!

वजाइनल और ओरल यीस्ट इन्फेक्शन

महिलाओं में डायबिटीज होने पर उनके योनि और मुंह में Candida fungus मात्रा बढ़ सकती है, जिसके कारण यीस्ट इन्फेक्शन हो जाता है!

डायबिटीज के कारण योनि में यीस्ट इन्फेक्शन होने पर, खुजली, सूजन, दर्द आदि की समस्या हो सकती है!

मुंह में यीस्ट इन्फेक्शन होने पर जीभ पर एक सफेद परत सी चढ़ जायेगी!

लॉस ऑफ फीलिंग

शरीर में अधिक शुगर बढ़ जाने के कारण महिलाओं में nerve fibres डैमेज हो सकते हैं! और अगर ऐसा होता है तो हाथ, पांव, पैरों और योनि में महिलाओं को कुछ भी महसूस करने की क्षमता कम हो जायेगी!

PCOS

PCOS, डायबिटीज का लक्षण नहीं है लेकिन ऐसी महिलाएं जिनको पहले से PCOS की बीमारी है, उनमें डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है!

पुरुषों में शुगर के लक्षण

पुरुषों में शुगर होने पर ये विशेष लक्षण दिखाई देते हैं –

Urologic issues

डायबिटीज के वजह से पुरुषों में बार बार पेशाब आना, पेशाब को कंट्रोल करने की क्षमता कम हो जाना या पेशाब की वाहिका में इन्फेक्शन जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं!

Erectile dysfunction

इसे आम भाषा में नपुंसकता भी कहते हैं! इस बीमारी में पुरुषों में स्पर्म की कमी होने लगती है, यह स्पर्म खत्म हो जाता है! डायबिटीज के कारण यह समस्या लगभग 50% पुरुषों में देखने को मिलती है!

Retrograde ejaculation

डायबिटीज के कारण मरीज में Retrograde ejaculation के लक्षण देखने को मिल सकते है! इसमें मरीज के सीमेन का डिस्चार्ज उसके bladder में हो जाता है और इजेकुलेशन के दौरान कम सीमेन देखने को मिलता है!

Autonomic Nervous System (ANS) damage

ANS रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने और चौड़ा करने का काम करता है! और डायबिटीज के कारण जब यह सिस्टम ठीक से काम नहीं करता तो शारीरिक संबंध के दौरान पेनिस में ठीक से रक्त नहीं पहुंच पाता है और नपुंसकता के लक्षण देखने को मिलते हैं!

डायबिटीज किस उम्र में होता है?

जैसा कि हमने आर्टिकल के शुरुआत में ही बताया, डायबिटीज किसी भी उम्र में हो सकता है! क्योंकि यह 2 अलग-अलग टाइप का होता है!

फिर भी Centres for Disease Control (CDC)  के अनुसार, US में 45 से 64 साल के बीच के उम्र में लोगों में सबसे ज्यादा डायबिटीज होता है!

शुगर और डायबिटीज में क्या अंतर है?

दोस्तों, ये तो हम सभी जानते हैं कि आम जिंदगी में शुगर का मतलब चीनी होता है! लेकिन जब हम शुगर शब्द का इस्तेमाल बीमारी के रूप में करते हैं! तो इसका तात्पर्य शरीर में High Blood Sugar से होता है!

दूसरे शब्दों में, हमारे शरीर को ऊर्जा Glucose यानी Sugar से मिलती है और हम जो भी खाते हैं वो अंत में टूट कर Glucose यानी Sugar में ही बदल जाता है और जब यही शुगर खून में ज्यादा मात्रा में हो जाता है तो इसे हम डायबिटीज की बीमारी कहते हैं!

एक लाइन में कहें तो, शुगर हमारे शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत है! जबकि डायबिटीज हाई ब्लड शुगर के वजह से होने वाली बीमारी का नाम है!

डायबिटीज से बचाव के उपाय

दोस्तों, डायबिटीज जब भी आता है तो अपने साथ और भी कई ढेर सारी बीमारियों को लेकर आता है!

ऐसे में डायबिटीज़ के साथ होने वाली सभी बीमारियों का इलाज करवाने से बेहतर है कि हम डायबिटीज से बचाव के उपाय जान लें! ताकि हमें कभी भी डायबिटीज हो ही ना और हम हमेशा स्वस्थ रहें!

तो चलिए अब जानते हैं डायबिटीज से बचाव के उपाय क्या हैं –

  • सिगरेट ना पिएं क्योंकि यह शरीर में इंसुलिन के स्त्राव को रोकता है!
  • कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वाले भोजन को कम खाएं!
  • एक बार में ढेर सारा ना खाना ना खाएं! हर 2 घंटे में थोड़ा थोड़ा खाएं!
  • ऐसा खाना खाएं, जिसमें फाइबर और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा से ज्यादा हो!
  • बाहर की तली भुनी या पैकेट वाली चीजें कम से कम खाएं!
  • दिन में एक कप बिना चीनी या कम चीनी वाली कॉफी या चाय पिएं! क्योंकि इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट डायबिटीज के रिस्क को कम करते हैं!
  • हर रोज minimum 4 liter पानी जरूर पिएं!
  • ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए इनसे जुड़े एक्सरसाइज करें!
  • अगर आपका वजन ज्यादा है तो सही डाइट या एक्सरसाइज के माध्यम से वजह कम करें!
  • आलस कम करें और खुद को ज्यादा से ज्यादा एक्टिव रखने की कोशिश करें! एक ही जगह पर देर तक बैठे या लेटे ना रहें!
  • शरीर में विटामिन D की कमी ना होने दें!

डायबिटीज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

चलिए इसके बाद सबसे जरुरी सवाल यानी की डायबिटीज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं के बारे में जानते है! तो यदि आप अपने हेल्दी ब्लड शुगर लेवल (Healthy Blood Sugar Leve) को मेंटेन रखना चाहते है! तो आपको दवाओं के साथ साथ अपने खान पान का बहुत ज्यादा ख्याल रखने की जरुरत है!

डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जो सीधे हमारे शरीर के इंसुलिन लेवल (Insulin Levels) को प्रभावित करती है! इसलिए आपको अपने खान-पान को सही करके अपने डाइबिटीज को कंट्रोल करना बहुत आवश्यक है!

Diabetes diet in Hindi

तो चलिए आगे हम बात करते है की एक शुगर के मरीज को डायबिटीज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं!

डायबिटीज में क्या खाना चाहिए

तो अगर डायबिटीज में क्या क्या चीज खाना चाहिए की बात करे तो डायबिटीज के एक मरीज को सुबह के नाश्ते में, रोज एक अंडा अंकुरित अनाज और फैट फ्री दूध लेना चाहिए! 

इसके साथ ही फल जैसे की सेब, संतरा, अमरुद, कीवी भी डायबिटीज के रोगी को अपने खान पान में शामिल करना चाहिए! 

अगर बताई गयी चीजों की उपलब्धता नहीं है तो नास्ते में 1 से 2 कटोरी दलिया और ब्राउन ब्रेड भी डायबिटीज के मरीज के लिए बेहतरीन विकल्प होता है!

डायबिटीज में क्या नहीं खाना चाहिए

अपने डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए दवाओं के साथ-साथ आपका खान पान बहुत ज्यादा मायने रखता है! ऐसे में डायबिटीज के मरीज को यह बात बार बार परेशांन करती है की आखिर उसे डायबिटीज में क्या नहीं खाना चाहिए!

तो अगर हम डायबिटीज में क्या क्या नहीं खाना चाहिए के बात करे तो, सबसे पहले ऐसी चीजों को खाना बिलकुल कम कर देना चाहिए! जिसमे कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सबसे अधिक होती है!

  • किशमिश – शुगर के रोगी को किशमिश नहीं खाना खाना चाहिए क्यों की किशमिश में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी होती है!
  • फुल फैट मिल्क – डायबिटीज के मरीज को फुल फैट मिल्क का सेवन भी नहीं करना चाहिए क्यों की कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है!
  • व्हाइट ब्रेड – डायबिटीज के के रोगी को व्हाइट ब्रेड खाने से परहेज करना चाहिए! इसके बदले में रोगी के लिए ब्राउन ब्रेड काफी फायदेमंद होता है!

निष्कर्ष – Conclusion

दोस्तों, इस आर्टिकल में हमने Diabetes से जुड़ी सभी अहम जानकारियां दी जैसे – डायबिटीज क्या है? (What is Diabetes in Hindi) डायबिटीज के लक्षण बचने के उपाय महिलाओं और पुरुषों में Diabetes के लक्षण क्या है? डायबिटीज किस उम्र में होता है, शुगर और डायबिटीज में क्या अंतर है? और डायबिटीज से बचाव के उपाय क्या हैं!

अगर हमारे इस आर्टिकल से आपको कुछ नया जानने को मिला हो या आपकी मदद हुई हो तो कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव सांझा करें! साथ ही इस आर्टिकल से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब पाने के लिए भी कमेंट करें!

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