Periods या Menstruation महिलाओं और लड़कियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है क्यूंकि यह पीरियड्स ही हैं जिनके कारण महिलाएं संतान उत्पन्न कर पाने में सक्षम हैं but जब Menstrual Cycle की शुरुआत होती है तो girls के मन में बहुत से सवाल होते हैं इसलिए हम अपने इस लेख पीरियड्स का ज्ञान – Periods in Women / Menstruation cycle in Hindi में मासिक धर्म से जुड़े सभी प्रश्नो के जवाब लेकर आएं हैं।

Periods Meaning in Hindi

पीरियड्स का हिंदी में मीनिंग होता है अवधि । जब कोई भी चीज एक निश्चित समय अंतराल के बाद वापस दोहराई जाती है तो इसे periods कहते हैं।

महिलाओं में पीरियड्स क्या होता हैWhat is Periods in Women in HindiWhat is Menstruation cycle in girls

महिलाओें में प्रत्येक महीने या लगभग हर 28 दिन के बाद रक्त स्राव (bleeding) होती है जिसे सामान्य भाषा में लोग periods या मासिक धर्म ( Menstruation cycle ) या MC या माहवारी कहते हैं।

ब्लीडिंग का अर्थ होता है महिलाओं के निचले प्राइवेट हिस्से से खून निकलना।

पीरियड्स कितने दिन चलता हैWhat is the duration of Periods in Women in Hindi

ज्यादातर महिलाओं में पीरियड्स अक्सर 5 दिनों तक चलता है but कुछ महिलाओं में यह 3 दिन या 6 – 7 दिनों तक भी रहता है जो कि एक साधारण बात ही है।

पीरियड्स क्यों होता हैPeriods causes in Hindi / Periods reason in Hindi

महिलाओं में बच्चा पैदा कर पाने के गुण के कारण ही हर महीने पीरियड्स होते हैं।

पीरियड्स की प्रक्रिया इसलिए होती है ताकि शरीर से अनिषेचित अंडा ( unfertilized egg ) बाहर निकल सके।

पीरियड्स कैसे होते हैंHow periods Come / How periods work / How periods occur

हर महीने women का शरीर प्रेगनेंसी के लिए तैयार होता है और इस दौरान गर्भाशय (Uterus) की दीवार खून और पोषक तत्व से मिलकर थोड़ी मोटी हो जाती है ताकि वह अंडे को पोषण दे सके।

हर महीने जब अंडा अंडाशय ( Ovary ) से निकलकर गर्भाशय में जाता है तो वहां कुछ दिनों तक रुकता है और जब वहां निषेचित ( fertilized ) नहीं हो पाता है तो धीरे – धीरे टुकड़े में टूटने लगता है।

जब अंडा टूटने लगता है तो वह महिलाओं के प्राइवेट अंग से धीरे-धीरे बाहर निकल जाता है। इस दौरान जो गर्भाशय की दीवार मोटी हो गई थी, वह भी खुद को सामान्य अवस्था में लाने लगती है और दीवार से खून और पोषक तत्व गिरने लगते हैं जो अंडे के साथ बाहर निकलते हैं।

इसी अंडे और खून के एक साथ निकलने की प्रक्रिया को लोग Periods or Menstruation के नाम से जानते हैं।

एक बार जब यह अंडा और खून बाहर निकल जाता है तो पीरियड्स बंद हो जाता है और उसके कुछ दिनों बाद अंडे की यह प्रक्रिया फिर से शुरू हो जाती है।

पीरियड्स कब आते हैंWhen periods come in Hindi / Menstruation timing

जब अनिषेचित अंडा गर्भाशय की दीवार से निकले खून के साथ टूट टूट कर महिला के शरीर के निचले प्राइवेट हिस्से से बाहर आने लगता है तब पीरियड्स आते हैं।

महिलाओं में हर 28 से 32 दिनों के समय अंतराल के बाद पीरियड्स आते हैं। प्रत्येक महिला में यह समय अलग अलग हो सकता है।

पीरियड्स आने की सही उम्र क्या हैAge for periods to start / Correct age for Periods in Hindi

Periods in Women / Menstruation की शुरुआत अक्सर उस वक्त होती है जब वे यौन अवस्था ( puberty )में प्रवेश करती हैं।

लड़कियों में यौनावस्था की उम्र 11 साल होती है और अक्सर 11 से 14 साल के बीच पीरियड्स भी आ जाते हैं।

यौनावस्था के शुरू होते ही लड़कियों के अंडरआर्म्स और नीचे के प्राइवेट हिस्से में बाल आना भी शुरू हो जाते हैं।

पीरियड्स आने के लक्षण क्या हैPeriods coming symptoms in Hindi / Periods symptoms in Hindi

पीरियड्स ( मासिक धर्म ) आने के पहले लड़कियों और महिलाओं में अक्सर कुछ खास लक्षण देखे जाते हैं जिसे Premenstrual syndrome (PMS) कहते हैं।

Premenstrual Syndrome (PMS) Symptoms कुछ इस प्रकार हैं –

  • चेहरे पर पिंपल निकल आना।
  • मूड में बदलाव आना जैसे – चिड़चिड़ापन, किसी भी काम पर फोकस ना कर पाना, सिर में दर्द होना, नींद ना आना, घबराहट महसूस करना।
  • ज्यादा भूख लगना या बिल्कुल भी भूख ना लगना।
  • स्तनों, पीठ के निचले हिस्से, पेट के निचले हिस्से मे दर्द होना।
  • पेट में गैस बनना, कब्ज या उल्टी की समस्या होना।

कुछ महिलाओं में पीरियड्स आने से पहले यह सभी लक्षण देखने को मिल सकते हैं तो कुछ महिलाओं में इनमें से सिर्फ एक या दो लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

पीरियड्स में क्या इस्तेमाल करना चाहिएसैनिटरी पैड vs टैम्पोन vs मेंस्ट्रूअल कप / What is best to use during periodssanitary pad vs tampon vs menstrual cup

Sanitary pad vs Tampon vs Menstrual cup
Sanitary pad vs Tampon vs Menstrual cup

अगर आप अभी एक teenager हैं और पीरियड्स की शुरुआत हुई है तो बेहतर होगा की आप सैनिटरी पैड को ही इस्तेमाल करें।

नोट – सैनिटरी पैड को हर 4 घंटे पर जरूर बदलें वरना इंफेक्शन होने का खतरा है।

टैम्पोन और मेंस्ट्रूअल कप का इस्तेमाल वे महिलाएं करें जिन को कम से कम 3 या 4 साल के पीरियड्स का एक्सपीरियंस हो चुका हो।

टैम्पोन और मेंस्ट्रुअल कप को निचले प्राइवेट हिस्से के अंदर डालना होता है जो ज्यादातर महिलाओं को ठीक नहीं लगता।

Menstrual cup का इस्तेमाल करने पर बहुत-सी महिलाओं को blood leakage की भी समस्या का सामना करना पड़ा है।

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सुगंधित परफ्यूम का इस्तेमाल ना करें Menstruation या Periods में

पीरियड के दौरान शरीर से एक अजीब तरह की महक आने लगती है जो कि बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती लेकिन आपको इससे बचने के लिए कभी भी प्राइवेट हिस्से में परफ्यूम नहीं लगाना चाहिए।

परफ्यूम में ढेर सारे केमिकल्स होते हैं जो नीचे के छेद के जरिए शरीर के अंदर जा सकते हैं और बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Menstruation ( मासिक धर्म ) के दौरान शरीर से आने वाली अजीब महक से बचने के लिए हर 3 से 4 घंटे पर पैड बदलते रहें और हर बार पैड बदलने से पहले अपने नीचे के हिस्से को किसी टिशू पेपर से जरूर साफ कर लें।

शारीरिक संबंध ना बनाएं Menstruation या Periods में

Periods in Women / Menstruation के दौरान Women को कभी भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए क्योंकि इससे रक्त द्वारा फैलने वाली कई बीमारियां हो सकती हैं जिससे आपको और आपके पार्टनर दोनों को खतरा हो सकता है।

पीरियड्स के दौरान शरीर नाजुक होता है इसलिए शारीरिक संबंध जैसी गतिविधियों को ना करना ही ज्यादा बेहतर होता है।

फिर भी अगर आप शारीरिक संबंध बनाना चाहे तो प्रोटेक्शन का इस्तेमाल जरूर करें ताकि कोई इंफेक्शन ना हो।

Periods या Menstruation के दौरान ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थ को ना कहें

Menstruation के दौरान कभी भी ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए because यह शरीर में dehydration का कारण बन सकता है।

Menstruation या Periods में कॉफी या चाय को करें खुद से दूर

‌पीरियड्स ( मासिक धर्म ) के दौरान कॉफी या चाय नहीं पीनी चाहिए क्योंकि यह स्तनों की कोमलता को बढ़ाता है। कॉफी या चाय के बदले आप ग्रीन टी को पी सकते हैं।

Periods vs Spotting in Hindi

पीरियड्स में शरीर से इतना खून निकलता है कि आपको एक सैनिटरी पैड, टैम्पौन या फिर मेंस्ट्रूअल कप लगाने की जरूरत पड़ जाती है ताकि रक्त को सुखाया या अवशोषित कराया जा सके जबकि स्पॉटिंग होने पर एक या दो बूंद रक्त ही गिरता है जिसके लिए सैनिटरी पैड या किसी अन्य चीज को लगाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है।

पीरियड्स में निकलने वाला खून कुछ गहरे रंग का होता है और पीरियड्स 3 से 7 दिनों के बीच रहता है जबकि स्पॉटिंग में पीरियड्स से कुछ हल्के रंग का खून निकलता है जो 1 या ज्यादा से ज्यादा 2 दिन तक रहता है।

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मुझे उम्मीद है कि आप हमारे इस लेख “पीरियड्स का ज्ञान – Periods in Women – Menstruation cycle in Hindi “ से पूरी तरह संतुष्ट होंगे।

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