सूरज की हानिकारक UV rays स्किन को बहुत ज्यादा नुकसान पहुँचती हैं और रैशेज, लाल दाने, टैनिंग जैसी छोई समस्या से लेकर skin cancer जैसी बड़ी बीमारी भी पैदा कर सकती है but इससे बचा जा सकता है सिर्फ और सिर्फ सनस्क्रीन या सनब्लॉक का इस्तेमाल करके तो आईये जानते हैं Sunscreen क्या है, कैसे use करें, Sunblock या Sunscreen कौन सा है बेहतर?

सनस्क्रीन क्या होता है – What is Sunscreen Cream in Hindi

Sunscreen एक ऐसी cream होती है जो सूरज की हानिकारक अल्टावॉयलेट किरणों ( UV Rays ) को हमारी त्वचा में अंदर जाने से रोकती है।

सनस्क्रीन कब लगाना चाहिए – When to apply Sunscreen in Hindi

सनस्क्रीन को घर से बाहर निकलने के कम से कम 20 मिनट पहले लगाना चाहिए क्योंकि इसको चेहरे पर सेट होने में कम से कम 20 मिनट का वक्त तो लगता ही है।

अगर आप इसे लगा कर तुरंत धूप में चले जाते हैं तो यह सूरज की किरणों के साथ रिएक्शन करके स्किन को काला बना देता है।

सनस्क्रीन खरीदने से पहले ध्यान में रखने वाली बातें – Sunscreen Buying Guide in Hindi

  • आपको अपनी skin type को ध्यान में रखते हुए ही sunscreen का चुनाव करना चाहिए।
  • हमेशा यह देख कर ही सनस्क्रीन लें कि वह सिर्फ UVA ray से सुरक्षा दे रही या UVA and UVB दोनों rays से।
  • आपके सनस्क्रीन में पैराबेन नहीं होना चाहिए।
  • हमेशा Non comedogenic Sunscreen का चुनाव करें।
  • Non comedogenic products स्किन के रोमछिद्रों (pores) को बंद नहीं करते जिसके कारण त्वचा पर कोई भी पिंपल या एक्ने नहीं होता है।
  • आपको सनस्क्रीन खरीदते वक्त SPF का भी खास ध्यान रखना चाहिए।
  • आपको कम से कम 30 SPF के Sunscreen का इस्तेमाल करना चाहिए ।
  • घर से बाहर निकलते वक्त 50 SPF के Sunscreen का इस्तेमाल करें तो ज्यादा बेहतर होगा।

SPF क्या होता है – What is SPF in Sunscreen in Hindi

SPF का पूरा नाम Sun Protection Factor होता है

मार्केट में ज्यादातर 30 SPF और 50 SPF की Sunscreens मिलती है। तो आखिर इसका क्या मतलब होता है…

SPF से हमें ये पता चलता है कि सनस्क्रीन आपकी त्वचा को कितनी देर तक सुरक्षा देगी।

1 SPF आपको 10 मिनट तक सुरक्षा देती है। यानि 30 SPF की सनस्क्रीन आपको 30 × 10 = 300 मिनट(5 घंटे) तक सुरक्षा देगी! इसी तरह 50 SPF वाली sunscreen आपको 50× 10= 500 मिनट (लगभग 8 घंटे ) तक सुरक्षा देती है।

सनस्क्रीन क्रीम कैसे use करें – How to use Sunscreen on face in Hindi

सनस्क्रीन को लगाने के लिए सबसे पहले sunscreen को अपनी उंगलियों पर ले और पूरी face पर डॉट – डॉट करके लगा लें।

फिर उंगलियों की मदद से धीरे-धीरे सनस्क्रीन को अपनी पूरी त्वचा पर फैला लें।

याद रहे

  • आपको अपनी त्वचा पर sunscreen की एक परत बनानी है।
  • इसलिए सनस्क्रीन को स्किन पर बिल्कुल हल्के उंगलियों से फैलाएं।
  • Sunscreen को अपनी त्वचा पर दबाव के साथ ना लगाएं और सनस्क्रीन लगाकर मसाज तो बिल्कुल भी ना करें।
  • Sunscreen को अपने गले पर लगाना बिल्कुल भी ना भूले।

सनस्क्रीन या मॉइश्चराइजर में से पहले क्या लगाएं – Sunscreen or moisturizer first

आपको कभी भी सनस्क्रीन को अपनी skin पर सीधे नहीं लगाना है।

सनस्क्रीन लगाने से पहले कोई मॉइश्चराइजर या एलोवेरा ज़ेल या अपनी डेली क्रीम जरूर लगा लें।

अगर सनस्क्रीन लगाने के 20 मिनट बाद आपका चेहरा कुछ oily लग रहा है तो ब्लाटिंग पेपर से आयल सुखा लें या फेस पाउडर की मदद से सेट कर लें।

चेहरा सेट करने के लिए आप चाहे तो SPF वाला फेस पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

सनस्क्रीन या प्राइमर में से पहले क्या लगाएं – Sunscreen or face primer first

अगर आप मेकअप करती हैं तो मैं समझ सकती हूं कि आपके लिए प्राइमर कितना ज्यादा जरूरी है।

Moisturizer, Sunscreen और Face primer को लगाने का सही sequence कुछ इस प्रकार है –

सबसे पहले मॉइश्चराइजर लगाएं फिर 5 मिनट बाद सनस्क्रीन लगाएं और फिर उसके 10 मिनट बाद फेस प्राइमर लगाएं।

मैं फिर से कहूंगी अगर सनस्क्रीन लगाने के 10 मिनट बाद चेहरा ऑयली लगे तो उसे ब्लाटिंग पेपर की मदद से सुखा लें।

Sunscreen types in Hindi

सनस्क्रीन मुख्यतः दो प्रकार की होती है –

  1. Chemical Sunscreen
  2. Physical sunscreen or Mineral Sunscreen or Sunblock

1. Chemical sunscreen

इस तरह की सनस्क्रीन त्वचा के रोम छिद्रों में अंदर जाकर बैठ जाती है और सूरत से आने वाली हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों को अपने अंदर अवशोषित कर लेती है।

अल्ट्रावायलेट किरणों ( UV rays ) को अवशोषित करने के बाद केमिकल सनस्क्रीन अल्ट्रावायलेट किरणों को उष्मा में बदल देती है और यह उष्मा त्वचा के जरिए बाहर निकल जाती है।

केमिकल सनस्क्रीन को लगाने पर अल्ट्रावायलेट किरणें (UV rays) त्वचा के अंदर जाती हैं! इसलिए यह किरणें त्वचा की अंदरूनी परत को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

केमिकल सनस्क्रीन सभी प्रकार की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों (UV rays) से त्वचा को नहीं बचाती हैं! यह बस UVA rays से ही त्वचा की रक्षा करती हैं।

2. Physical sunscreen or Mineral Sunscreen or Sunblock

Physical sunscreen को Sunblock या Mineral Sunscreen भी कहा जाता है।

यह सूरज से निकलने वाली सभी हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों (UVA और UVB) को रोकती है।

यह त्वचा के रोम छिद्रों में ना जाकर त्वचा के ऊपर ही रहती है और वहीं से सूरज की रोशनी को त्वचा में अंदर जाने से रोकती है।

Mineral sunscreen में titanium dioxide या zinc oxide या इन दोनों का ही मिश्रण होता है।

मिनरल सनस्क्रीन जो नैनो पार्टिकल्स होते हैं वह फेफड़ों की स्वास्थ्य को खराब कर सकते हैं। इसलिए इसे लगाते वक्त यह ध्यान रखना चाहिए की यह किसी भी तरीके से शरीर के अंदर फेफड़ों तक ना पहुंचे।

Chemical Sunscreen vs Mineral sunscreen in Hindi

Chemical SunscreenMineral sunscreen / Physical sunscreen / Sunblock
केमिकल सनस्क्रीन को लगाने के बाद आपको सूरज की रोशनी में जाने से पहले कम से कम 20 मिनट तक के लिए रुकना पड़ेगा क्योंकि इसे सेट होने में वक्त लगता है।फिजिकल सनस्क्रीन या सनब्लॉक को लगाने के तुरंत बाद आप बाहर जा सकते हैं।
Chemical Sunscreen स्किन को सिर्फ UVA किरणों से ही बचाती है।सनब्लॉक या फिजिकल सनस्क्रीन या मिनिरल सनस्क्रीन स्किन को UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से बचाती है।
ज्यादातर केमिकल सनस्क्रीन चिपचिपी और ऑयली नहीं होती है।ज्यादातर फिजिकल सनस्क्रीन चिपचिपी और ऑयली होती है।
केमिकल सनस्क्रीन त्वचा पर किसी भी तरह की कोई सफेद परत नहीं छोड़ती है।सनब्लॉक या फिजिकल सनस्क्रीन लगाने पर त्वचा के ऊपर एक सफेद रंग की परत सी दिखाई देने लगती है।
Chemical Sunscreen कई सारे केमिकल से मिलकर बनाई जाती है।Physical sunscreen या Sunblock प्राकृतिक चीजों से बनती है। मतलब Sunblock natural होता है।
केमिकल सनस्क्रीन को लगाने के बाद आपको अपने चेहरे पर दोबारा सनस्क्रीन नहीं लगानी पड़ेगी।फिजिकल सनस्क्रीन त्वचा की ऊपरी परत पर ही काम करती है इसलिए पसीना आने पर यह हट जाती है और इसी कारण से आपको हर 3 से 4 घंटे में इस सनस्क्रीन को लगाना पड़ सकता है।
केमिकल सनस्क्रीन सूरज की किरणों को अवशोषित ( absorb ) करके स्किन को नुकसान होने से बचाता है।सनब्लॉक सूरज की किरणों को परावर्तित (reflect ) करके स्किन को नुकसान होने से बचाता है।
Sunscreen vs Sunblock chart

क्लिक करके पढ़ें –

Sunscreen and Sunblock Uses Tips

सनस्क्रीन या सनब्लॉक – कौन सा बेहतर है आपके लिए – Sunscreen or Sunblock

जैसा कि आपको पता है कि sunblock का texture थोड़ा मोटा होता है। जबकि सनस्क्रीन का इसके मुकाबले पतला होता है।

तो अगर आपकी skin ड्राई या नॉर्मल है तो आप सनब्लॉक का इस्तेमाल करें। और अगर आपकी स्किन ऑयली या कॉम्बिनेशन है तो आप सनस्क्रीन का ही चुनाव करें।

अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार सनस्क्रीन कैसे चुनें – How to choose sunscreen for my skin type

अगर आपकी skin oily या combination type है तो आप water based या gel based sunscreen का ही इस्तेमाल करें।

अगर आपकी dry skin या normal skin है तो आप cream based या lotion based sunscreen का इस्तेमाल करें।

अगर आपकी skin senstive है तो आप water base sunscreen का ही इस्तेमाल करें।

इसके आलावा powder sunscreen का इस्तेमाल all skin types के लोग कर सकते हैं।

NOTE: Spray Sunscreen का इस्तेमाल ना करें because यह फेफड़ों तक पहुंच कर नुकसान कर सकता है।

सनस्क्रीन क्रीम और सनब्लॉक के फायदे – Sunscreen and Sunblock Benefits in Hindi

सूरज की किरणे त्वचा में कई सारी बीमारियों का कारण बन सकती हैं, for example – त्वचा का झुलस जाना, लाल रंग के छोटे दाने होना, कैंसर होना।

इन सारी परेशानियों से दूर रहने का सबसे बेहतरीन उपाय है सनस्क्रीन या सनब्लॉक का इस्तेमाल करना।

Sunscreen हमारी skin को सूरज की हानिकारक UV किरणों से बचाती हैं जिससे हमें त्वचा संबंधी कोई बीमारी ना हो।

अगर आप हमसे Hair care, Skin care या Health से जुड़ा कोई सवाल पूछना चाहते तो कमेंट करें।

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